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बिहार के 15 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट, वज्रपात से अब तक 25 मौतें

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बिहार के 15 जिलों में मौसम विभाग ने आंधी, भारी बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है।

बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बदल रहे मौसम के कारण जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने राज्य के 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि अगले कुछ घंटों और दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इन इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कई जगहों पर वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि खराब मौसम के दौरान लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।

सामान्य से 182 प्रतिशत अधिक बारिश

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों ने मौसम विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार बिहार में सामान्य से करीब 182 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में लगातार बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई है। राजधानी पटना समेत राज्य के अधिकतर हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए रहे और बीच-बीच में तेज बारिश होती रही। लगातार बादल और बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन मौसम की मार ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

शहरी इलाकों में जहां ट्रैफिक और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक हालात इसी तरह बने रह सकते हैं।

वज्रपात बना सबसे बड़ा खतरा

इस बदले मौसम के बीच सबसे ज्यादा चिंता वज्रपात की घटनाओं को लेकर बढ़ी हुई है। राज्य के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

प्रशासन की ओर से ग्रामीण इलाकों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि खुले खेतों और गांवों में वज्रपात की घटनाएं अधिक हो रही हैं। लोगों को बारिश और बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े नहीं होने, खुले मैदानों से दूर रहने और बिजली के खंभों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। कई जिलों में लाउडस्पीकर और मोबाइल मैसेज के जरिए भी लोगों को चेतावनी दी जा रही है।

किसानों की बढ़ी चिंता

लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। इस समय कई जिलों में सब्जियों और अन्य फसलों की खेती चल रही है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह तेज बारिश और आंधी जारी रही, तो खेतों में लगी फसल को भारी नुकसान हो सकता है। खासकर सब्जी उत्पादक किसानों को ज्यादा नुकसान की आशंका है।

ग्रामीण इलाकों में कई किसानों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण खेतों में लगी मक्का और अन्य फसलें गिरने लगी हैं। वहीं कुछ जगहों पर जलजमाव के कारण फसलों के सड़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम साफ होने तक खेतों में सावधानी के साथ काम करने की सलाह दी है।

प्रशासन अलर्ट मोड में

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। कई जिलों में एनडीआरएफ और आपदा राहत टीमों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

स्कूलों, पंचायतों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और अफवाहों से बचें। बिजली गिरने की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन और आपदा विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।

क्यों बदला बिहार का मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव के कारण बिहार के मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि राज्य के कई हिस्सों में अचानक तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की स्थिति बन रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल 8 मई तक राज्य में ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होगा और तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि बारिश का दौर खत्म होने के बाद उमस और गर्मी एक बार फिर लोगों को परेशान कर सकती है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि बिजली चमकने के समय मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें और खुले स्थानों पर जाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

ग्रामीण इलाकों में लोगों को खेतों में काम करते समय मौसम पर नजर रखने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। बिहार में मौसम के इस बदले स्वरूप ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय जागरूकता और सतर्कता सबसे बड़ा बचाव है। गौरतलब है कि,बिहार में हर साल आंधी, बारिश और वज्रपात की घटनाएं होती हैं, लेकिन इसके बावजूद जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था अब भी चुनौती बनी हुई है। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि वज्रपात जैसी घटनाएं कुछ ही सेकेंड में जिंदगी खत्म कर देती हैं। सरकार और प्रशासन को केवल अलर्ट जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव-गांव तक सुरक्षा उपायों और जागरूकता अभियान को मजबूत करना होगा। साथ ही ग्रामीण इलाकों में मजबूत बिजली सुरक्षा तंत्र और आपदा प्रबंधन की बेहतर तैयारी समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।

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